Ye Ujde Bagh Virane Purane | ये उजड़े बाग़ वीराने पुराने

Ye Ujde Bagh Virane Purane:

Yeh Ujdey Baaghh Viraane Puraney,
Sunatey Hainn Kuch Afsaaney Puraney,

Ikk Aah-E-Sard Ban Kar Rahh Gaye Hainn,
Woh Biite Din Woh Yaaraaney Puraney,

Junoonn Kaa Ek Hii Aalam Ho Kyunn Kar,
Nayii Haii Sham’aa Parvaaney Puraaney,

Nayii Manziil Kii Dushvaarii Musallamm,
Magar Hum Bhii Hainn Diwaaney Puraaney,

Milegaa Pyaarr Ghaironn Hii Meinn ‘Jalib’
Kii Apney Toh Hainn Begaaney Puraaney. .!!

– Habib Jalib

ये उजड़े बाग़ वीराने पुराने | Ye Ujde Bagh Virane Purane

ये उजड़े बाग़ Viraaney पुराने,
Sunatey हैं कुछ अफ़्साने पुराने,

Ikk आह-ए-सर्द बन कर रह गए हैं,
वो बीते Diin वो याराने पुराने,

जुनूँ का एक ही Aalam हो क्यूँ कर,
नई है शम्अ’ परवाने Puraney,

नई Manziil की दुश्वारी मुसल्लम,
मगर Hum भी हैं दीवाने पुराने,

मिलेगा Pyaar ग़ैरों ही में ‘जालिब’
कि Apney तो हैं बेगाने पुराने. .!!

– हबीब जालिब

ये उजड़े बाग़ वीराने पुराने

ये उजड़े बाग़ वीराने पुराने
सुनाते हैं कुछ अफ़्साने पुराने,

इक आह-ए-सर्द बन कर रह गए हैं,
वो बीते दिन वो याराने पुराने,

जुनूँ का एक ही आलम हो क्यूँ कर,
नई है शम्अ’ परवाने पुराने,

नई मंज़िल की दुश्वारी मुसल्लम,
मगर हम भी हैं दीवाने पुराने,

मिलेगा प्यार ग़ैरों ही में ‘जालिब’
कि अपने तो हैं बेगाने पुराने. .!!

– हबीब जालिब

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